🟥 केंद्रीय बजट 2025–26 : मुख्य झलकियाँ और राजकोषीय स्थिति (Fiscal Outlook)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को संसद में वित्त वर्ष 2025–26 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। यह बजट भारत की अमृतकालीन यात्रा (2047 तक विकसित भारत) के दृष्टिकोण पर आधारित है। इसका मुख्य लक्ष्य उच्च विकास दर, राजकोषीय अनुशासन, और सामाजिक न्याय के साथ समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
🔹 1. बजट की मुख्य झलकियाँ (Key Highlights)
- कुल राजस्व प्राप्ति (Total Income): ₹32.4 लाख करोड़
- कुल व्यय (Total Expenditure): ₹46.2 लाख करोड़
- राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): GDP का 5.1%
- राजस्व घाटा (Revenue Deficit): GDP का 2.7%
- कैपेक्स (Capital Expenditure): ₹12.3 लाख करोड़ (12% वृद्धि)
👉 सरकार का लक्ष्य है कि 2027–28 तक राजकोषीय घाटा 4% से कम पर लाया जाए।
🔹 2. बजट की थीम और विज़न
बजट 2025–26 की थीम है —
“Viksit Bharat @2047: Inclusive Growth through Innovation, Infrastructure and Investment”
(“नवाचार, अवसंरचना और निवेश के माध्यम से समावेशी विकास”)
सरकार ने 7 प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया है:
- निवेश (Investment)
- रोजगार (Employment)
- महिलाएँ और युवा सशक्तिकरण (Empowerment)
- हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy)
- डिजिटल इंडिया और नवाचार (Digital & Innovation)
- कृषि और ग्रामीण विकास (Agri-Rural Growth)
- राजकोषीय स्थिरता (Fiscal Stability)
🔹 3. कर नीति (Tax Policy Updates)
- व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन मानक कटौती (Standard Deduction) ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 की गई।
- कॉरपोरेट टैक्स दर 22% बरकरार रखी गई, लेकिन MSME और स्टार्टअप्स को अतिरिक्त छूट दी गई।
- GST संग्रह में रिकॉर्ड वृद्धि — ₹1.84 लाख करोड़ प्रति माह का औसत।
- डिजिटल करेंसी और क्रिप्टो लेनदेन पर नई टैक्स गाइडलाइन लागू की गई।
🔹 4. राज्यों के लिए वित्तीय सहायता
- राज्यों को ₹1.3 लाख करोड़ का विशेष अनुदान (Grant-in-Aid) दिया गया है ताकि वे स्थानीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य योजनाएँ चला सकें।
- 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार टैक्स शेयरिंग अनुपात 42% ही रखा गया है।
🔹 5. आर्थिक स्थिति का आकलन
- GDP वृद्धि दर (FY 2025–26): 7.1% अनुमानित
- मुद्रास्फीति दर: 4.9%
- राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ज़ोर।
- वित्त मंत्री ने कहा —
“यह बजट विकास और विश्वास दोनों का प्रतीक है; भारत का हर नागरिक इस प्रगति में भागीदार होगा।”
🟨 केंद्रीय बजट 2025–26 : कृषि, ग्रामीण विकास और उद्योग सुधार
केंद्रीय बजट 2025–26 का दूसरा भाग देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र और औद्योगिक विकास को समर्पित है। यह भाग “आत्मनिर्भर भारत” के उस विज़न को सशक्त बनाता है जिसमें किसान, श्रमिक और उद्योग — तीनों को समान रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
🔹 1. कृषि क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान
- कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए कुल ₹1.8 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
- PM-KISAN योजना के तहत किसानों को मिलने वाली वार्षिक सहायता ₹6,000 से बढ़ाकर ₹8,000 की गई है।
- “डिजिटल कृषि मिशन 2025” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत किसानों को मोबाइल ऐप से बीज, उर्वरक, और फसल बीमा की जानकारी मिलेगी।
- कृषि ऋण सीमा ₹18 लाख करोड़ तक बढ़ाई गई है, जिसमें 3% ब्याज सब्सिडी दी जाएगी।
- जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए ₹12,000 करोड़ का “Green Agri Fund” बनाया गया है।
🔹 2. सिंचाई, भंडारण और आपूर्ति सुधार
- “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)” के लिए ₹18,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- देशभर में 500 नए कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस बनाने की योजना है।
- फसल नुकसान रोकने के लिए ड्रोन सर्विलांस और वेदर अलर्ट सिस्टम लागू किया जाएगा।
- राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) को 1,500 नई मंडियों से जोड़ा जाएगा ताकि किसानों को उचित मूल्य मिले।
🔹 3. ग्रामीण विकास और रोजगार
- ग्रामीण विकास मंत्रालय को ₹1.7 लाख करोड़ का बजट दिया गया है।
- मनरेगा (MGNREGA) के लिए ₹80,000 करोड़ निर्धारित किए गए हैं, और इसमें अब डिजिटल वर्क ट्रैकिंग सिस्टम जोड़ा जाएगा।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-IV के तहत 80,000 किमी नई सड़कें बनाई जाएंगी।
- ग्रामीण महिला उद्यमिता मिशन शुरू किया गया है — जिससे 10 लाख महिलाओं को स्व-रोजगार मिलेगा।
- ग्रामीण युवाओं के लिए “Grameen Skill Hub” स्थापित किए जाएंगे।
🔹 4. उद्योग और MSME क्षेत्र के सुधार
- MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) के लिए ₹45,000 करोड़ का आवंटन किया गया है।
- “क्रेडिट गारंटी योजना” के तहत MSME लोन पर गारंटी शुल्क घटाकर 0.25% किया गया है।
- Udyam 2.0 पोर्टल लॉन्च किया गया है जो MSME को सिंगल-विंडो सुविधा, सब्सिडी और निर्यात सहायता देगा।
- ‘One District One Product’ (ODOP) योजना के तहत प्रत्येक जिले में स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बाजार में प्रमोट करने के लिए ₹10,000 करोड़ का कोष बनाया गया है।
- लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटाने के लिए “PM GatiShakti Industrial Corridors” को और विस्तार दिया गया है।
🔹 5. निर्यात और उद्योग नीति
- भारत के निर्यात लक्ष्य को $900 अरब (2025–26) तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
- नई औद्योगिक नीति 2025 में Ease of Doing Business 2.0 की घोषणा की गई है, जिससे व्यापार पंजीकरण और टैक्स अनुपालन आसान होगा।
- सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, और टेक्सटाइल पार्क के लिए ₹25,000 करोड़ का विशेष प्रोत्साहन फंड तैयार किया गया है।
🟦 आर्थिक सुधार, निवेश और रोजगार सृजन
केंद्रीय बजट 2025–26 का तीसरा मुख्य स्तंभ “विकास, निवेश और रोजगार सृजन” पर केंद्रित है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह बजट केवल राजस्व या व्यय का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि भारत को 2030 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
🔹 1. निवेश और पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure)
- सरकार ने पूंजीगत व्यय (Capex) में 12% की वृद्धि की है, जो अब ₹12.3 लाख करोड़ तक पहुँच गया है।
- इसका उद्देश्य है — इन्फ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, डिजिटल नेटवर्क और हरित ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाना।
- रेलवे के लिए ₹3.2 लाख करोड़ और सड़क परिवहन के लिए ₹2.5 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
🔹 2. ‘मेक इन इंडिया’ और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा
- सरकार ने ‘मेक इन इंडिया 2.0’ की शुरुआत की है, जिसमें रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है।
- PLI (Production Linked Incentive) योजना के तहत 14 प्रमुख उद्योगों में ₹1.97 लाख करोड़ का विस्तार निवेश तय किया गया है।
- विदेशी निवेश (FDI) के नियमों को और सरल बनाया गया है ताकि भारत में वैश्विक कंपनियाँ अधिक निर्माण इकाइयाँ स्थापित करें।
🔹 3. रोजगार सृजन मिशन
- “राष्ट्रीय रोजगार संवर्धन योजना 2025 (NREP)” लॉन्च की गई है। इसके तहत MSMEs को नए रोजगार देने पर EPF सब्सिडी और टैक्स छूट मिलेगी।
- Skill India Mission 2.0 के अंतर्गत युवाओं को नई तकनीकों जैसे — AI, Robotics, Green Energy, और EV Maintenance — में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एंटरप्राइज हब और स्टार्टअप केंद्र खोले जाएंगे।
🔹 4. स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहन
- Startup India Seed Fund की राशि बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ कर दी गई है।
- स्टार्टअप टैक्स छूट अवधि को 2027 तक बढ़ाया गया है।
- युवाओं के लिए “Innovation for Bharat Portal” लॉन्च किया गया है, जो नए उद्यमियों को फंडिंग, मेंटरशिप और मार्केट एक्सेस प्रदान करेगा।
🔹 5. हरित निवेश (Green Investment)
- Green Hydrogen Mission, Solar Parks, और EV Charging Infrastructure के लिए ₹25,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारत की ऊर्जा का 50% हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो।
- ग्रीन बॉन्ड्स (Green Bonds) के माध्यम से ₹30,000 करोड़ जुटाने की घोषणा की गई है।
🟩 सामाजिक कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार
केंद्रीय बजट 2025–26 का चौथा और अंतिम भाग “समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा” पर आधारित है। इस भाग का उद्देश्य है — समाज के हर वर्ग तक विकास की पहुँच सुनिश्चित करना, विशेषकर गरीब, किसान, महिला, छात्र और वरिष्ठ नागरिकों तक।
🔹 1. शिक्षा क्षेत्र में सुधार
- राष्ट्रीय शिक्षा मिशन 2025 के तहत शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹1.45 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
- NEP 2020 (नई शिक्षा नीति) के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए 5 वर्षीय रोडमैप जारी किया गया है।
- स्कूलों में AI, Coding, Robotics और Financial Literacy को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
- ग्रामीण विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘PM e-Vidya 2.0’ शुरू किया गया है, जिसके तहत हर जिले में स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे।
- उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार के लिए ₹15,000 करोड़ का विशेष कोष निर्धारित किया गया है।
🔹 2. स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र
- स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल ₹89,000 करोड़ का बजट आवंटन किया गया है।
- “Ayushman Bharat 2.0” योजना के अंतर्गत कवरेज सीमा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है।
- हर जिले में एक जन औषधि केंद्र स्थापित किया जाएगा ताकि सस्ती दवाएँ आम जनता तक पहुँच सकें।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल हेल्थ क्लीनिक और टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की जाएगी।
- मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने हेतु 157 नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की गई है।
🔹 3. महिलाओं और बच्चों के लिए योजनाएँ
- “नारी शक्ति मिशन 2025” के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को ₹2 लाख करोड़ की सस्ती ऋण सुविधा दी जाएगी।
- मातृत्व सुरक्षा योजना के अंतर्गत माताओं के लिए सहायता राशि ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 कर दी गई है।
- बाल पोषण मिशन 2.0 के तहत हर आंगनवाड़ी केंद्र में स्मार्ट ट्रैकिंग ऐप शुरू किया जाएगा, ताकि पोषण की स्थिति का डेटा डिजिटल रूप में दर्ज हो सके।
🔹 4. किसानों और ग्रामीण विकास
- PM-KISAN योजना की वार्षिक सहायता ₹6,000 से बढ़ाकर ₹8,000 की गई है।
- कृषि अवसंरचना (Agri Infrastructure) के लिए ₹1.2 लाख करोड़ आवंटित।
- “ग्रीन एग्रीटेक मिशन” लॉन्च किया गया है — जिससे जैविक खेती, सोलर पंप और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में PM ग्राम सड़क योजना चरण-IV शुरू की गई है, जिसमें 80,000 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
🔹 5. सामाजिक सुरक्षा और पेंशन
- “सामाजिक सुरक्षा विस्तार योजना” के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन सुविधा दी जाएगी।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए “वरिष्ठ जीवन सुरक्षा कार्ड” जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें स्वास्थ्य, यात्रा और दवा पर छूट मिलेगी।
- EPFO पेंशन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई है।
🔹 6. निष्कर्ष
इस बजट का चौथा भाग भारत के सामाजिक ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि और सामाजिक सुरक्षा — इन सभी को जोड़कर यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के सिद्धांत को साकार करता है।
Summary
केंद्रीय बजट 2025–26 भारत की “विकसित भारत @2047” दृष्टि पर आधारित है।
इस बजट में सरकार ने ₹46.2 लाख करोड़ का कुल व्यय और ₹32.4 लाख करोड़ की आय का लक्ष्य रखा है।
मुख्य ध्यान कृषि, रोजगार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण पर दिया गया है।
राजकोषीय घाटा GDP का 5.1% तय किया गया है, जबकि पूंजीगत व्यय में 12% की वृद्धि की गई है।
यह बजट भारत को आत्मनिर्भर, नवाचार-प्रधान और हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करता है।
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