FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) की पूरी जानकारी

FCRA क्या है?
FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) एक भारतीय कानून है, जिसे सबसे पहले 1976 में लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी स्रोतों से भारत में आने वाले धन और सहयोग (foreign contribution) को नियंत्रित करना और पारदर्शिता लाना है।
भारत सरकार ने इस अधिनियम को इसलिए बनाया ताकि कोई भी विदेशी संस्था या व्यक्ति भारत की आंतरिक सुरक्षा, राजनीति, सामाजिक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव न डाल सके।
FCRA का उद्देश्य
- विदेशी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- ऐसे संगठनों को रोकना जो विदेशी धन का दुरुपयोग कर सकते हैं।
- NGOs, ट्रस्ट और सोसायटीज के लिए विदेशी अंशदान लेने के नियम तय करना।
- भारत की संप्रभुता, एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना।
FCRA का महत्व
- यह अधिनियम सुनिश्चित करता है कि विदेशी फंड का उपयोग केवल समाज कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और विकास के लिए हो।
- इससे गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है।
- NGO और सामाजिक संगठनों के लिए यह लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रिया का आधार है।
FCRA पंजीकरण (Registration) प्रक्रिया
कोई भी संगठन यदि विदेश से फंड लेना चाहता है, तो उसे FCRA के अंतर्गत पंजीकरण कराना आवश्यक है।
पंजीकरण के लिए आवश्यक शर्तें:
- संगठन का कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए।
- पिछले 3 वर्षों में संगठन ने कम से कम ₹10 लाख का सामाजिक कार्य किया हो।
- संगठन का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा, ग्रामीण विकास या अनुसंधान से जुड़ा होना चाहिए।
पंजीकरण की प्रक्रिया:
- ऑनलाइन आवेदन (FCRA Portal पर) करना होता है।
- आवश्यक दस्तावेज जैसे – पंजीकरण प्रमाणपत्र, PAN, पिछले कार्यों का विवरण, ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होती है।
- गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जांच के बाद पंजीकरण स्वीकृत किया जाता है।
किन संगठनों को FCRA के तहत विदेशी फंड लेने की अनुमति नहीं है?

- राजनीतिक दल और उनके सदस्य
- सरकारी कर्मचारी और न्यायपालिका के अधिकारी
- पत्रकार, मीडिया हाउस और पब्लिक सर्वेंट्स
- चुनाव उम्मीदवार
- अपराध या भ्रष्टाचार से जुड़े संगठन
FCRA का उल्लंघन होने पर दंड
यदि कोई संगठन या व्यक्ति FCRA के नियमों का उल्लंघन करता है, तो:
- उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
- विदेशी फंड लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लग सकता है।
- जुर्माना और कानूनी कार्यवाही हो सकती है।
हाल के बदलाव (FCRA Amendment 2020)
भारत सरकार ने 2020 में FCRA में संशोधन किया। इसमें प्रमुख बिंदु:
- प्रशासनिक खर्च (Administrative Expenses) 50% से घटाकर 20% कर दिए गए।
- विदेशी फंड को एक संगठन से दूसरे संगठन में ट्रांसफर करने पर प्रतिबंध लगा।
- सभी संगठनों को अपना बैंक खाता SBI, नई दिल्ली मुख्य शाखा में खोलना अनिवार्य किया गया।
निष्कर्ष
FCRA एक महत्वपूर्ण कानून है, जो भारत में विदेशी फंड के नियंत्रण और पारदर्शिता को सुनिश्चित करता है। यदि आप कोई NGO या सामाजिक संगठन चला रहे हैं और विदेश से सहयोग लेना चाहते हैं, तो आपको FCRA पंजीकरण अवश्य कराना चाहिए।