Artificial Rain in Delhi: Scientific Efforts to Relieve Pollution

🌧️ दिल्ली में कृत्रिम वर्षा (Artificial Rain) की जानकारी —

दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से वायु प्रदूषण (Air Pollution) एक गंभीर समस्या बन गया है। हर साल सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्ता “खतरनाक” स्तर तक पहुँच जाती है। इसी समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कृत्रिम वर्षा (Artificial Rain) करवाने की योजना बनाई है।


🌀 कृत्रिम वर्षा क्या है?

कृत्रिम वर्षा या Artificial Rain एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें बादलों में रासायनिक पदार्थों का छिड़काव (Cloud Seeding) किया जाता है ताकि वे अधिक मात्रा में जलकण बनाकर वर्षा करें। यह एक प्रकार की मानव-निर्मित बारिश होती है जो प्राकृतिक प्रक्रिया को तेज करती है।


⚙️ कृत्रिम वर्षा कैसे की जाती है?

कृत्रिम वर्षा की प्रक्रिया को Cloud Seeding कहा जाता है। इसमें निम्न चरण शामिल होते हैं:

  1. उपयुक्त बादलों की पहचान – मौसम वैज्ञानिक ऐसे बादलों को चुनते हैं जिनमें नमी मौजूद हो।
  2. रसायनों का उपयोग – इनमें मुख्य रूप से सिल्वर आयोडाइड (Silver Iodide), सोडियम क्लोराइड (NaCl) या ड्राई आइस (CO₂) का प्रयोग किया जाता है।
  3. एयरक्राफ्ट या ड्रोन से छिड़काव – इन रसायनों को हवाई जहाज या ड्रोन की मदद से बादलों में छोड़ा जाता है।
  4. संघनन और वर्षा – ये रसायन बादलों में जलवाष्प को आकर्षित करते हैं, जिससे बूंदें बड़ी होकर वर्षा के रूप में गिरती हैं।

🌆 दिल्ली में कृत्रिम वर्षा की पहल

दिल्ली सरकार ने IIT कानपुर के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर कृत्रिम वर्षा परियोजना (Artificial Rain Project) पर काम शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य है —

  • प्रदूषण को कम करना,
  • हवा में मौजूद धूल और स्मॉग को नीचे बैठाना,
  • और नागरिकों को शुद्ध हवा उपलब्ध कराना।

इस परियोजना के तहत IIT Kanpur ने पहले ही अन्य राज्यों (जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक) में सफल प्रयोग किए हैं। अब यह तकनीक दिल्ली में लागू करने की तैयारी है।


🌦️ कृत्रिम वर्षा के लाभ

  1. वायु प्रदूषण में कमी: हवा में मौजूद कणों को बारिश नीचे गिरा देती है।
  2. जल संकट में राहत: सूखे इलाकों में पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है।
  3. खेती को मदद: फसलों को कृत्रिम सिंचाई मिल सकती है।
  4. तापमान में कमी: वातावरण ठंडा होता है और धुंध घटती है।

⚠️ कृत्रिम वर्षा की चुनौतियाँ

  • उपयुक्त बादल न होने पर प्रक्रिया असफल हो सकती है।
  • यह तकनीक महंगी है और इसका प्रभाव सीमित समय तक रहता है।
  • रासायनिक प्रभावों को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों में मतभेद हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानों और मौसम तंत्र पर असर की संभावना रहती है।

🧪 भविष्य की संभावनाएँ

दिल्ली में कृत्रिम वर्षा को वैज्ञानिक और पर्यावरणीय प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह सफल होता है तो भारत के अन्य महानगरों — मुंबई, लखनऊ, पटना और कोलकाता — में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।


📜 निष्कर्ष

दिल्ली में कृत्रिम वर्षा केवल बारिश लाने की तकनीक नहीं, बल्कि प्रदूषण के खिलाफ एक वैज्ञानिक युद्ध है। यह कदम दिखाता है कि आधुनिक विज्ञान पर्यावरण संरक्षण में कितना उपयोगी साबित हो सकता है। अगर इसे सही तरीके से लागू किया जाए, तो दिल्ली की हवा में फिर से “सांस लेने लायक” सुधार संभव है।





🧠 दिल्ली में कृत्रिम वर्षा पर 10 MCQs (उत्तर सहित)

1. कृत्रिम वर्षा (Artificial Rain) का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
A. पानी की शुद्धता बढ़ाना
B. प्रदूषण कम करना
✅ उत्तर: प्रदूषण कम करना


2. कृत्रिम वर्षा किस वैज्ञानिक प्रक्रिया पर आधारित होती है?
A. ओजोन निर्माण
B. क्लाउड सीडिंग (Cloud Seeding)
✅ उत्तर: क्लाउड सीडिंग (Cloud Seeding)


3. दिल्ली में कृत्रिम वर्षा परियोजना के लिए किस संस्थान की मदद ली जा रही है?
A. IIT दिल्ली
B. IIT कानपुर
✅ उत्तर: IIT कानपुर


4. क्लाउड सीडिंग में सबसे अधिक किस रसायन का उपयोग किया जाता है?
A. सिल्वर आयोडाइड (Silver Iodide)
B. पोटेशियम परमैंगनेट
✅ उत्तर: सिल्वर आयोडाइड (Silver Iodide)


5. कृत्रिम वर्षा का मुख्य लाभ क्या है?
A. तापमान बढ़ाना
B. वायु प्रदूषण कम करना
✅ उत्तर: वायु प्रदूषण कम करना


6. कृत्रिम वर्षा करने के लिए कौन-सा उपकरण उपयोग में लाया जाता है?
A. हेलिकॉप्टर या विमान
B. भूमिगत टैंक
✅ उत्तर: हेलिकॉप्टर या विमान


7. कृत्रिम वर्षा का प्रभाव कितने समय तक रहता है?
A. स्थायी रूप से
B. कुछ समय के लिए
✅ उत्तर: कुछ समय के लिए


8. कृत्रिम वर्षा की प्रक्रिया असफल कब हो सकती है?
A. जब बादल उपस्थित न हों
B. जब सूर्य तेज चमक रहा हो
✅ उत्तर: जब बादल उपस्थित न हों


9. कृत्रिम वर्षा का प्रयोग सबसे पहले कहाँ किया गया था?
A. अमेरिका में
B. भारत में
✅ उत्तर: अमेरिका में


10. दिल्ली में कृत्रिम वर्षा से सबसे बड़ा अपेक्षित लाभ क्या है?
A. बिजली उत्पादन
B. प्रदूषण नियंत्रण और वायु शुद्धिकरण
✅ उत्तर: प्रदूषण नियंत्रण और वायु शुद्धिकरण

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