BRICS Group: Introduction, Objectives and Importance

🌐 ब्रिक्स (BRICS) समूह : परिचय, उद्देश्य एवं महत्व

🔹 परिचय

BRICS विश्व के पाँच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का समूह है —
Brazil (ब्राज़ील), Russia (रूस), India (भारत), China (चीन) और South Africa (दक्षिण अफ्रीका)

वर्तमान में ब्रिक्स समूह में 10 देश शामिल हैं – ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूसी संघ, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात।

यह समूह वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और विकासात्मक सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया था।

  • शुरुआत: 2006 में
  • पहला शिखर सम्मेलन: 2009 में (रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में)
  • South Africa का जुड़ाव: 2010 में हुआ (इसके बाद नाम BRIC से बदलकर BRICS पड़ा)

🔹 मुख्य उद्देश्य

  1. सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना।
  2. विकासशील देशों की आवाज़ को वैश्विक मंचों (जैसे G20, IMF, World Bank) पर सशक्त बनाना।
  3. बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) को प्रोत्साहित करना।
  4. वित्तीय स्थिरता और सतत विकास के लिए संयुक्त नीतियाँ बनाना।
  5. संयुक्त अनुसंधान, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सहयोग को बढ़ावा देना।

🔹 संरचना और संस्थान

  1. BRICS Summit (वार्षिक शिखर सम्मेलन):
    • हर वर्ष किसी एक सदस्य देश में आयोजित होती है।
    • इसमें राष्ट्राध्यक्ष/प्रधानमंत्री भाग लेते हैं।
  2. New Development Bank (NDB):
    • स्थापना: 2015
    • मुख्यालय: शंघाई (चीन)
    • उद्देश्य: विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
    • भारत से पहले अध्यक्ष: के. वी. कमथ (K. V. Kamath)
  3. BRICS Contingent Reserve Arrangement (CRA):
    • 2015 में स्थापित।
    • उद्देश्य: आर्थिक संकट या मुद्रा अस्थिरता के समय सहायता देना।

🔹 सदस्य देशों का योगदान

देशक्षेत्रफलवैश्विक GDP में योगदानजनसंख्या (अनुमानित)
ब्राज़ीलदक्षिण अमेरिका~2.4%~21 करोड़
रूसयूरोप/एशिया~3.1%~14.5 करोड़
भारतएशिया~3.5%~142 करोड़
चीनएशिया~18%~140 करोड़
दक्षिण अफ्रीकाअफ्रीका~0.6%~6 करोड़

👉 कुल मिलाकर BRICS विश्व की लगभग 40% जनसंख्या और 25% से अधिक GDP का प्रतिनिधित्व करता है।


🔹 हालिया विकास (2024–2025 संदर्भ)

  • BRICS 2024 Summit में नए देशों को शामिल करने पर चर्चा हुई — जैसे सऊदी अरब, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, अर्जेंटीना आदि।
  • BRICS मुद्रा (BRICS Currency) पर विचार जारी है, जिसका उद्देश्य डॉलर पर निर्भरता कम करना है।
  • Digital Cooperation, Climate Change, और AI Research Collaboration पर भी कार्य योजनाएँ चल रही हैं।

🔹 भारत की भूमिका

  • भारत BRICS का संस्थापक सदस्य है।
  • भारत Inclusive Growth, Digital Economy, Health Cooperation, और Counter-Terrorism जैसे मुद्दों पर अग्रणी भूमिका निभाता है।
  • भारत ने 2021 में BRICS अध्यक्षता संभाली थी और उस वर्ष BRICS Vaccine Research Center की घोषणा की गई।

🔹 महत्व

  • BRICS एक विकल्प मंच प्रदान करता है, जहाँ विकासशील देश अपनी प्राथमिकताओं पर चर्चा कर सकते हैं।
  • यह पश्चिमी प्रभुत्व वाली वित्तीय संस्थाओं के विकल्प के रूप में कार्य कर रहा है।
  • वैश्विक व्यापार और निवेश में संतुलन लाने में यह समूह अहम भूमिका निभा रहा है।

🔹 चुनौतियाँ

  1. सदस्य देशों के बीच राजनीतिक मतभेद (विशेषकर चीन-भारत के बीच सीमा विवाद)।
  2. आर्थिक असमानता – चीन का वर्चस्व अन्य देशों पर अधिक है।
  3. भौगोलिक दूरी और नीति समन्वय की कमी
  4. वैश्विक संस्थाओं में सीमित प्रभाव

🔹 निष्कर्ष

BRICS समूह वर्तमान वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण शक्ति केंद्र बन चुका है।
यह विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने और एक न्यायसंगत, संतुलित एवं समावेशी विश्व व्यवस्था की दिशा में कार्य कर रहा है।
भविष्य में, BRICS का विस्तार और उसकी नीति समन्वय की क्षमता ही इसकी वास्तविक शक्ति तय करेगी।

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