
⚗️ 2025 का रसायन शास्त्र में नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Chemistry 2025)
🏅 विजेता (Winners):
Susumu Kitagawa (जापान)
Richard Robson (ऑस्ट्रेलिया)
Omar M. Yaghi (अमेरिका)
📅 घोषणा तिथि:
9 अक्टूबर 2025
🏛️ घोषणा संस्था:
Royal Swedish Academy of Sciences, Stockholm, Sweden
🧪 पुरस्कार का कारण (For their Contribution):
“For the development of metal-organic frameworks (MOFs).”
हिन्दी में —
“मेटल-ऑर्गैनिक फ्रेमवर्क्स (Metal-Organic Frameworks – MOFs) के विकास में योगदान के लिए।”
🔬 मुख्य खोज (Main Discovery):
इन वैज्ञानिकों ने ऐसे मेटल-ऑर्गैनिक फ्रेमवर्क्स (MOFs) विकसित किए हैं जिनमें धातु आयन (metal ions) और कार्बनिक अणु (organic molecules) मिलकर जालीदार (porous) संरचना बनाते हैं।
👉 ये संरचनाएँ अत्यंत छिद्रयुक्त होती हैं — यानी इनमें सूक्ष्म छेद (pores) होते हैं, जो गैसों या तरल पदार्थों को कैद करने और शुद्ध करने में सक्षम हैं।
🌿 MOFs की खासियतें (Features of MOFs):
- अत्यधिक सतह क्षेत्र (High Surface Area):
- एक ग्राम MOF में फुटबॉल मैदान जितनी सतह हो सकती है।
- पर्यावरण के लिए उपयोगी:
- यह CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) जैसी गैसों को कैद कर सकता है, जिससे प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग में कमी लाने में मदद मिलती है।
- ऊर्जा संरक्षण और शुद्धिकरण:
- MOFs का प्रयोग गैस भंडारण (Hydrogen Storage), जल शोधन, और दवा वितरण (Drug Delivery) में किया जा रहा है।
- अनुकूलनीय संरचना:
- इनकी छिद्र (pores) और रासायनिक विशेषताएँ आसानी से बदली जा सकती हैं — जिससे इन्हें विविध वैज्ञानिक क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है।
🧠 महत्व (Significance of the Discovery):
- यह खोज पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा भंडारण, और हरित तकनीक (Green Technology) के क्षेत्र में क्रांतिकारी है।
- इससे स्वच्छ ऊर्जा, जल शोधन, और CO₂ कैप्चर तकनीक में नये रास्ते खुले हैं।
- MOFs को भविष्य के सस्टेनेबल मटेरियल्स (Sustainable Materials) के रूप में देखा जा रहा है।
👨🔬 विजेताओं का संक्षिप्त परिचय (About the Winners):
नाम: Susumu Kitagawa
देश: जापान
योगदान: उन्होंने पहले छिद्रयुक्त समन्वय पॉलिमर (Porous Coordination Polymers) बनाए।
नाम: Richard Robson
देश: ऑस्ट्रेलिया
योगदान: उन्होंने धातु और कार्बनिक अणुओं की 3D जाली का सिद्धांत विकसित किया।
नाम: Omar M. Yaghi
देश: अमेरिका
योगदान: उन्होंने “Reticular Chemistry” की अवधारणा दी और आधुनिक MOFs को डिजाइन किया।
📘 Reticular Chemistry क्या है?
- यह रसायन की वह शाखा है जिसमें अणुओं को एक-दूसरे से जोड़कर नेटवर्क संरचनाएँ (Network Structures) बनाई जाती हैं।
- इस सिद्धांत पर आधारित ही MOFs जैसे पदार्थ विकसित किए गए हैं।
🌍 अनुप्रयोग (Applications of MOFs):
क्षेत्र: ऊर्जा
उपयोग: हाइड्रोजन गैस संग्रहण और बैटरी में उपयोग
क्षेत्र: पर्यावरण
उपयोग: CO₂ कैप्चर और हवा शुद्धिकरण
क्षेत्र: स्वास्थ्य
उपयोग: दवा वितरण (Drug Delivery Systems)
क्षेत्र: उद्योग
उपयोग: उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में प्रयोग
🧾 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important MCQs for Exams):
Q1. 2025 का रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार किन्हें मिला?
उत्तर: Susumu Kitagawa, Richard Robson और Omar M. Yaghi को।
Q2. इन वैज्ञानिकों को किस खोज के लिए सम्मानित किया गया?
उत्तर: Metal-Organic Frameworks (MOFs) के विकास के लिए।
Q3. MOF का मुख्य उपयोग क्या है?
उत्तर: गैसों का संग्रहण, CO₂ कैप्चर, और जल शोधन।
Q4. “Reticular Chemistry” शब्द किसने दिया?
उत्तर: Omar M. Yaghi ने।
Q5. नोबेल पुरस्कार किस संस्था द्वारा घोषित किया जाता है?
उत्तर: Royal Swedish Academy of Sciences द्वारा।
💬 रोचक तथ्य (Interesting Facts):
- MOFs को “21वीं सदी की स्मार्ट सामग्री (Smart Material)” कहा जाता है।
- एक ग्राम MOF की सतह लगभग 10,000 वर्ग मीटर तक हो सकती है!
- Yaghi का नाम पहले भी Chemistry में नोबेल के संभावित उम्मीदवारों में शामिल रहा था।
🧭 निष्कर्ष (Conclusion):
2025 का रसायन शास्त्र में नोबेल पुरस्कार उन वैज्ञानिकों को मिला जिन्होंने यह साबित किया कि रसायन विज्ञान सिर्फ अणुओं की नहीं, बल्कि अंतरिक्ष जैसी छिद्रयुक्त संरचनाओं की भी दुनिया है।
MOFs के माध्यम से ऊर्जा, पर्यावरण और चिकित्सा में नई संभावनाएँ खुली हैं।
यह खोज आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी क्रांति की आधारशिला बन सकती है।
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